PM Kusum Yojana भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसे Ministry of New and Renewable Energy के माध्यम से लागू किया जाता है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप उपलब्ध कराना और कृषि क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना है। इसके माध्यम से किसान डीज़ल और बिजली पर अपनी निर्भरता कम कर सकते हैं तथा सिंचाई की लागत भी घटा सकते हैं। यह योजना पर्यावरण संरक्षण और सतत कृषि को बढ़ावा देने में भी सहायक है।
PM Kusum Yojana के अंतर्गत किसानों को सोलर पंप लगाने के लिए सरकारी सब्सिडी और आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इससे किसान न केवल सिंचाई के लिए सस्ती ऊर्जा प्राप्त करते हैं बल्कि अतिरिक्त बिजली उत्पादन करके उसे ग्रिड को बेच भी सकते हैं। इस पहल से किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा उपलब्धता सुधारने और सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण मदद मिलती है।
PM Kusum Solar Yojana Overview
| योजना का नाम | पीएम कुसुम सोलर योजना |
| शुरू की गई | भारत सरकार द्वारा |
| उद्देश्य | किसानों को सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई सुविधा देना |
| लाभार्थी | देश के किसान |
| मुख्य लाभ | सोलर पंप के लिए सब्सिडी |
| सब्सिडी | लगभग 60% तक (केंद्र व राज्य सरकार मिलकर) |
| किसान का योगदान | लगभग 40% (जिसमें लोन की सुविधा भी मिल सकती है) |
| योजना के घटक | Component A, B, C |
| आधिकारिक उद्देश्य | किसानों की आय बढ़ाना और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना |
PM Kusum Yojana Login प्रक्रिया
यदि आप PM Kusum Yojana Portal पर लॉगिन करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करके आप अपने खाते में लॉगिन कर सकते हैं।
- आधिकारिक वेबसाइट खोलें: सबसे पहले PM Kusum Yojana की आधिकारिक वेबसाइट https://pmkusum.mnre.gov.in/ पर जाएँ।
- Login विकल्प पर क्लिक करें: होमपेज पर आपको Login / Sign In का विकल्प दिखाई देगा। उस पर क्लिक करें।

- यूजर आईडी दर्ज करें: अब स्क्रीन पर लॉगिन पेज खुलेगा, जहाँ आपको अपना Username या Password और Captcha Code दर्ज करना होगा।
- Login बटन पर क्लिक करें: सभी जानकारी भरने के बाद Login बटन पर क्लिक करें।
- डैशबोर्ड एक्सेस करें: लॉगिन सफल होने के बाद आप अपने डैशबोर्ड में जाकर आवेदन की स्थिति, सोलर पंप जानकारी और अन्य सेवाएँ देख सकते हैं।
PM Kusum Yojana का उद्देश्य
PM Kusum Yojana के अंतर्गत किसान, पंचायतें, सहकारी समितियाँ तथा किसानों के समूह सोलर पंप या सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस योजना में परियोजना की कुल लागत को अलग-अलग हिस्सों में विभाजित किया जाता है, ताकि किसानों को आर्थिक सहायता मिल सके।
सरकार PM Kusum Yojana के तहत किसानों को लगभग 60% तक सब्सिडी प्रदान करती है, जबकि 30% राशि बैंक ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाती है। इस प्रकार किसानों को परियोजना की कुल लागत का केवल 10% हिस्सा ही स्वयं वहन करना पड़ता है। सोलर पैनल से उत्पन्न बिजली का उपयोग किसान अपनी जरूरतों के लिए कर सकते हैं और अतिरिक्त बिजली को बेचकर अतिरिक्त आय भी प्राप्त कर सकते हैं। इससे प्राप्त आय का उपयोग किसान अन्य व्यवसाय या कृषि कार्यों के विस्तार के लिए कर सकते हैं।
| नोट: यदि आप पासवर्ड भूल जाते हैं, तो Forgot Password विकल्प का उपयोग करके नया पासवर्ड सेट कर सकते हैं। |
PM Kusum Yojana के अंतगर्त मिलने वाले लाभ
- पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत किसानों को सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
- सोलर पंप तथा अन्य आवश्यक तकनीकी उपकरण लगाने के लिए किसानों को निर्धारित प्रतिशत के अनुसार सब्सिडी भी उपलब्ध कराई जाती है।
- इस योजना के माध्यम से किसान सोलर प्लांट से प्राप्त ऊर्जा का उपयोग कृषि कार्यों और घरेलू जरूरतों के लिए कर सकते हैं।
- सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रधानमंत्री कुसुम योजना को मुख्य रूप से निम्नलिखित तीन घटकों में विभाजित किया गया है:-
| विवरण | घटक A | घटक B | घटक C |
| मुख्य उद्देश्य | किसान/डेवलपर/सहकारी समिति/पंचायत/किसान उत्पादक संगठन द्वारा 10,000 मेगावाट तक के सोलर प्लांट स्थापित करना | ऑफ-ग्रिड क्षेत्रों में किसानों को स्टैंड-अलोन सौर कृषि पंप उपलब्ध कराना | ग्रिड से जुड़े 35 लाख कृषि पंपों का सोलराइजेशन करना |
| स्थापना प्रकार | सोलर प्लांट ग्राउंड या स्टिल्ट माउंटेड होगा | किसान 7.5 एचपी क्षमता तक स्टैंड-अलोन सौर पंप स्थापित कर सकते हैं | व्यक्तिगत और फीडर स्तर पर सोलराइजेशन किया जाएगा |
| सरकारी सहायता | केंद्र और राज्य सरकार की सीधी वित्तीय सहायता नहीं, लेकिन उत्पन्न बिजली वितरण कंपनी को बेची जा सकती है | केंद्र और राज्य सरकार द्वारा कुल लागत का लगभग 30% सब्सिडी | केंद्र सरकार द्वारा लगभग 30% सब्सिडी, जबकि NER/पहाड़ी/द्वीपीय क्षेत्रों में 50% तक सब्सिडी |
| किसान का योगदान | परियोजना के लिए बैंक से ऋण और अन्य वित्तीय व्यवस्था संभव | कुल लागत का लगभग 40% किसान द्वारा वहन किया जाएगा | राज्य सरकार अतिरिक्त सब्सिडी देकर किसान का योगदान कम कर सकती है |
| ऋण सुविधा | बैंक कुल लागत का लगभग 70% तक ऋण प्रदान कर सकते हैं | आवश्यकता अनुसार बैंक ऋण उपलब्ध हो सकता है | योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता और सब्सिडी उपलब्ध |
| क्षमता सीमा | किसानों की बंजर/परती/चरागाह/दलदली/खेती योग्य भूमि पर 500 किलोवाट से 2 मेगावाट तक नवीकरणीय ऊर्जा जनरेटर स्थापित किया जा सकता है | किसान 7.5 एचपी से अधिक क्षमता का पंप लगा सकते हैं, लेकिन वित्तीय सहायता केवल 7.5 एचपी तक मिलेगी | किसान सिंचाई के लिए सौर पंप का उपयोग कर सकते हैं और अतिरिक्त बिजली वितरण कंपनियों को बेच सकते हैं |
| प्रगति (31 जनवरी 2024 तक) | 4766 मेगावाट सौर क्षमता को स्वीकृति, जिनमें से 165.28 मेगावाट स्थापित | 12,94,787 स्टैंड-अलोन पंप स्वीकृत, जिनमें से 2,85,823 स्थापित | 1,61,204 IPS स्वीकृत, जिनमें से 2,117 स्थापित; 33,76,466 फीडर लेवल पंप स्वीकृत, जिनमें से 5,267 स्थापित |
PM Kusum Yojana में अपना नाम कैसे देखें?
यदि आपने PM Kusum Yojana के तहत आवेदन किया है, तो आप आसानी से ऑनलाइन लाभार्थी सूची में अपना नाम देख सकते हैं। इसके लिए सरकार ने आधिकारिक पोर्टल पर सुविधा उपलब्ध कराई है, जहाँ किसान अपने आवेदन की स्थिति और लाभार्थी सूची की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
Step 1: आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ: सबसे पहले PM Kusum Yojana की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
Step 2: Beneficiary List / Applicant List विकल्प चुनें: होमपेज पर आपको Beneficiary List या Applicant List से संबंधित विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।
Step 3: राज्य और जिला चुनें: अब आपको अपने राज्य, जिला और ब्लॉक से संबंधित जानकारी दर्ज करनी होगी।
Step 4: गांव या क्षेत्र का चयन करें: इसके बाद अपने गांव या क्षेत्र का नाम चुनें।
Step 5: सूची देखें: सभी जानकारी भरने के बाद स्क्रीन पर लाभार्थियों की सूची दिखाई देगी।
Step 6: अपना नाम खोजें: अब आप सूची में अपना नाम, आवेदन संख्या या मोबाइल नंबर के माध्यम से अपना नाम खोज सकते हैं।
| जरूरी जानकारी: यदि आपका नाम सूची में दिखाई देता है, तो इसका मतलब है कि आपका आवेदन स्वीकार कर लिया गया है और आप योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। यदि नाम नहीं मिलता है, तो आप कुछ समय बाद दोबारा सूची जांच सकते हैं या संबंधित विभाग से संपर्क कर सकते हैं। |
PM Kusum Yojana के लिए आवश्यक दस्तावेज
प्रधानमंत्री कुसुम योजना के आवेदन के समय आवेदक के पास निम्नलिखित दस्तावेज होने आवयशक है:-
- किसान की जमीन के दस्तावेज।
- लीज़ अग्रीमेंट(यदि कोई हो)।
- बैंक के खाते का विवरण।
- खसरा खतौनी नंबर।
- निवास प्रमाण पत्र।
- पासपोर्ट साइज फोटो।
- स्वघोषणा पत्र।
- जीएसटी पंजीकरण प्रमाणपत्र।
- पहचान प्रमाण के लिए निम्न में से कोई एक:-
- आधार कार्ड।
- मतदाता पहचान पत्र।
- पैन कार्ड।
- चालक लाइसेंस।
प्रधानमंत्री कुसुम योजना हेल्पडेस्क
| विवरण | जानकारी |
| टोल फ्री नंबर | 1800-180-3333 |
| हेल्पडेस्क ईमेल | [email protected] |
| पता | नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, अटल अक्षय ऊर्जा भवन, सीजीओ कॉम्प्लेक्स, लोधी रोड, नई दिल्ली – 110003 |
FAQ
पीएम कुसुम योजना क्या है?
PM Kusum Solar Yojana भारत सरकार की एक योजना है जिसके तहत किसानों को सोलर पंप और सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए सब्सिडी और वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
PM Kusum Solar Yojana के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
इस योजना के तहत किसान, किसान समूह, पंचायत, सहकारी समितियाँ और किसान उत्पादक संगठन (FPO) आवेदन कर सकते हैं।
PM Kusum Yojana में कितनी सब्सिडी मिलती है?
इस योजना में किसानों को कुल लागत का लगभग 60% तक सब्सिडी मिलती है, जबकि 30% राशि बैंक ऋण के रूप में उपलब्ध हो सकती है।
क्या किसान सोलर पैनल से बनी बिजली बेच सकते हैं?
हाँ, किसान सोलर पैनल से उत्पन्न अतिरिक्त बिजली को वितरण कंपनियों (DISCOM) को बेच सकते हैं और अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं।
कुसुम योजना से किसानों को क्या लाभ मिलता है?
इस योजना से किसानों को सिंचाई के लिए सस्ती बिजली मिलती है, बिजली बिल कम होता है और अतिरिक्त बिजली बेचकर उनकी आय भी बढ़ सकती है।